ITI Electrician की practical file में सबसे ज्यादा नंबर diagrams से मिलते हैं — लेकिन कई छात्र यही नहीं जानते कि file में कौन-कौन से diagram बनाने हैं। इस पोस्ट में हम ITI electrician practical diagram की पूरी list आसान भाषा में देंगे, साथ में यह भी बताएंगे कि हर diagram में क्या-क्या दिखाना जरूरी है, ताकि आपकी file साफ, सही और पूरे नंबर वाली बने।
ITI electrician practical diagram का मतलब है — practical में किए गए काम का चित्र के रूप में record। Examiner सबसे पहले यही देखता है कि diagram साफ है, labelling सही है, और connection ठीक दिखाए गए हैं। अच्छा diagram बनाने वाला छात्र practical exam में भी आत्मविश्वास से काम करता है।
Practical File Me Diagram Kyun Zaroori Hain?
Practical file सिर्फ एक copy नहीं है — यह इस बात का सबूत है कि आपने workshop में काम सच में किया है। हर practical के साथ उसका diagram, observation table और result लिखा जाता है। Diagram के बिना practical अधूरा माना जाता है, और नंबर भी कटते हैं। इसलिए file बनाते समय diagram पर सबसे ज्यादा ध्यान दें।
ITI Electrician Practical Diagram: Poori List
| Diagram का नाम | क्या दिखाना है |
|---|---|
| Single-phase wiring diagram | Energy meter, MCB, switch, bulb और socket का connection |
| Staircase wiring diagram | दो two-way switches से एक bulb का control |
| Godown wiring diagram | एक के बाद एक जलने वाले bulbs का क्रमिक control |
| Tunnel wiring diagram | दोनों सिरों से control होने वाली lighting |
| Ceiling fan regulator circuit | Fan, regulator और switch का connection |
| Fluorescent tube light circuit | Choke, starter और tube का connection |
| DOL starter diagram | Direct On Line starter से 3-phase motor का control |
| Star-Delta starter diagram | Star और Delta connection के साथ motor starting |
| Forward-Reverse starter | Motor की दिशा बदलने वाला control circuit |
| Earthing diagram | Plate earthing और pipe earthing का setup |
| Transformer connection diagram | Single-phase transformer की winding और terminal |
| Measurement diagram | Voltmeter, ammeter और wattmeter से reading का तरीका |
| Cable joint diagram | Straight joint और T-joint बनाने का तरीका |
| Domestic installation layout | घर के पूरे electrical layout का plan |
Diagram Banate Samay Dhyan Rakhne Wali Baatein
- Scale और साफ लाइनें: Ruler से सीधी लाइनें खींचें। टेढ़ी-मेढ़ी लाइनें examiner पर गलत असर डालती हैं।
- Symbol सही हों: Switch, bulb, socket, MCB, motor — हर symbol standard होना चाहिए, अपनी मर्जी से बनाया हुआ नहीं।
- Labelling जरूर करें: हर part का नाम लिखें — जैसे L (Phase), N (Neutral), E (Earth)। बिना labelling के diagram अधूरा है।
- Connection दिखाएं: तार कहाँ से कहाँ जा रहा है, यह साफ दिखना चाहिए। तारों को आपस में उलझाएं नहीं।
- Title और date लिखें: हर diagram के नीचे उसका नाम और practical की तारीख जरूर लिखें।
Staircase Aur Godown Wiring Me Antar
दोनों diagrams अक्सर एक जैसे लगते हैं, लेकिन फर्क साफ है। Staircase wiring में दो switches से एक ही bulb को दोनों जगह से on-off किया जाता है — जैसे सीढ़ियों के ऊपर और नीचे से। Godown wiring में कई bulbs एक क्रम में जलते हैं — जैसे गोदाम में एक के बाद एक light जलती है। Exam में दोनों का अंतर पूछा जाता है, इसलिए दोनों diagrams अलग-अलग अच्छी तरह बनाएं।
Practical File Kaise Banayein? Step-by-Step
- हर practical के लिए एक नया page लें — एक page पर दो practical न मिलाएं।
- सबसे ऊपर practical का नाम, उद्देश्य (aim) और जरूरी सामान (apparatus) लिखें।
- बीच में साफ diagram बनाएं और सभी parts को label करें।
- नीचे observation table बनाएं और reading लिखें।
- अंत में result और precaution लिखें — जैसे काम करते समय supply बंद रखना, insulation check करना।
Har Diagram Ko Sahi Tarike Se Kaise Banayein?
एक अच्छा डायग्राम बनाने के लिए सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि डायग्राम में कौन-कौन से हिस्से दिखाने हैं। उदाहरण के लिए, स्टेयरकेस वायरिंग के डायग्राम में दोनों टू-वे स्विच, बल्ब, फेज़ और न्यूट्रल तार — सब कुछ साफ-साफ दिखना चाहिए। अगर कोई भी तार अधूरा दिखेगा, तो परीक्षक समझेगा कि आपको सर्किट की पूरी जानकारी नहीं है। इसलिए डायग्राम बनाते समय जल्दबाज़ी न करें, धीरे-धीरे और ध्यान से हर कनेक्शन बनाएं।
मोटर स्टार्टर के डायग्राम में यह दिखाना सबसे जरूरी है कि मोटर को सप्लाई कहाँ से मिल रही है, ओवरलोड रिले कहाँ लगी है, और स्टार्ट व स्टॉप बटन किस क्रम में जुड़े हैं। अर्थिंग के डायग्राम में प्लेट या पाइप की गहराई, नमक और कोयले की परत, और अर्थ तार का रास्ता — ये तीनों बातें जरूर लिखें। मापने वाले यंत्रों के डायग्राम में यह दिखाएं कि वोल्टमीटर समानांतर में और एमीटर श्रृंखला में जुड़ता है, क्योंकि यही सबसे आम गलती होती है जो छात्र करते हैं।
प्रैक्टिकल फाइल की तैयारी में एक और बात का ध्यान रखें — हर डायग्राम के साथ उसका उद्देश्य भी लिखें। यानी यह डायग्राम क्यों बनाया गया है, इससे क्या सीखा, और इसमें कौन-सी सावधानी बरतनी चाहिए। जब परीक्षक देखेगा कि आपने सिर्फ चित्र नहीं बनाया बल्कि उसका मतलब भी समझा है, तो वह आपको पूरे नंबर देगा। फाइल को साफ-सुथरा रखना, पन्ने नंबर देना और विषय-सूची बनाना भी उतना ही जरूरी है जितना डायग्राम बनाना।
FAQs — ITI Practical File Diagram
Practical file me kitne diagram banane chahiye?
जितने practical syllabus में हैं, उतने। आमतौर पर 20 से ज्यादा diagrams बनते हैं — wiring, starter, earthing और measurement सभी शामिल होते हैं।
Diagram pencil se banayein ya pen se?
Diagram हमेशा pencil से बनाएं, ताकि गलती होने पर सुधार हो सके। Labelling साफ अक्षरों में करें।
Staircase wiring me kitne switches lagte hain?
दो two-way switches — एक नीचे और एक ऊपर — जिनसे एक ही bulb को दोनों जगह से control किया जाता है।
DOL starter kis kaam aata hai?
DOL (Direct On Line) starter छोटी 3-phase motor को सीधे supply से चालू करने के काम आता है। यह सबसे आसान starter माना जाता है।
निष्कर्ष: ITI electrician practical diagram की यह list आपकी practical file की रीढ़ है। हर diagram को साफ, सही symbol और पूरी labelling के साथ बनाएं — यही आपकी file को पूरे नंबर दिलाएगा। Symbols की पूरी सूची के लिए ITI Electrical Symbols PDF Hindi वाली पोस्ट भी देखें।
Last Updated: 25 October 2026
